Posts

Showing posts from January 7, 2020

देश यही पागल बदलेगा

Image
लगभग चालीस साल पहले प्रकाशित इन्‍द्रदेव भारती जी की कविता 'देश यही पागल बदलेगा' हाथ लगी तो सोचने पर मजबूर कर दिया. आप भी आनन्‍द लीजिए और झाडू वाले नेता के बारे में चालीस साल पहले की कल्‍पना का चमत्‍कार भी देखिए. कविता के कॉपीराइट लेखक के पास है   इन्‍द्रदेव भारती

भूख

Image
इन्द्रदेव भारती आदमखोरों को सरकारी, अभिरक्षण   वरदान  है । अपने हिंदुस्तान का भैया  अद्भुत......संविधान  है । इंसां  को  गुलदार मारे, उसको  पूरी   शह  यहाँ । गुलदार को  इन्सान  मारे, जेल   जाना   तय  यहाँ । रोज बकरा  यूँ  बलि  का बन    रहा   इन्सान   है । अपने हिंदुस्तान का भैया अद्भुत......संविधान  है । रोज  जंगल  कट  रहे हैं, जब   शहर   के  वास्ते । क्यूँ न जंगल ढूंढलें फिर खुद  शहर   के   रास्ते   इंसांं  हो   या   हो   हैवां, भूख का क्या विधान  है । अपने  इस  जहान   का, अज़ब ग़ज़ब विधान है ।