Monday, November 11, 2019

तू ही मेरा प्यार सोनिया


अशोक स्‍नेही


तू ही मेरा प्यार सोनिया


होंठ सुर्ख़ टेसू दहके से 
नयन मस्त भौंरे बहके से
अंग-अंग चहके-चहके से
चंचल भौंह-दुधारी चितवन-
गालों पर अंगार सोनिया।।


तू ही मेरा प्यार सोनिया
पीठ-पाँव नाजुक कदली से 
कुन्तल सावन की बदली से 
मुक्त हास चंचल तितली से 
दो उरोज दो अल्पनाओं से-
ऊपर से ये हार सोनिया।।


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