शारदे ,मेरे शब्दों को प्रवाह दो

 


डॉ साधना गुप्ता


 


शारदे ,मेरे शब्दों को प्रवाह दो


सोयी मानवता को जगाने को,

पश्चिमी विपरीत बयार से

 संस्कृति को बचाने को

मेरे शब्दों को धार दो,

शक्ति दो,करूणा की पुकार दो-

मचा सके जो आतताइयों में हाहाकार

नारी की अस्मिता रक्षार्थ

अग्रजों के सम्मानार्थ

अनुजों के स्नेहार्थ,

मेरे शब्दों को ज्ञान दो-

कर सके जो सत-असत का भान

अपने पराए की पहचान

जीवन लक्ष्य प्रति सावधान,

मेरे शब्दों को दो सँवार-

दे सके जो बच्चों को संस्कार

युवाओं को परिवार

बुजुर्गों को प्यार

शारदे, मेरे शब्दों को प्रवाह दो।

                  

मंगलपुरा, टेक, झालवाड़ 326001 राजस्थान