Wednesday, December 4, 2019

शोध विशेषांक के संभावित विषय/प्रोफेसर गोपाल शर्मा जी ने दी अतिथि संपादन की स्‍वीकृति

शोधादर्श
दिसंबर, 2019 - फरवरी,2020


खुशखबरी यह है कि 'शोधादर्श' पत्रिका के गामी अंक 'शोध विशेषांक' के अतिथि संपादन का भार ग्रहण करने के लिए अरबा मींच विश्वविद्यालय, अरबा मींच, इथियोपिया के प्रोफेसर गोपाल शर्मा जी ने स्‍वीकृृ‍िृृति प्रदान कर दी है. 


लेखकों से निवेदन है कि वह निम्‍न विषयों पर अपने लेख भेज सकते हैं-


- शोध प्रारूप का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं महत्व
- शोध प्रारूप की परिभाषा 
- शोध प्रारुप के उद्देश्य
- शोध प्रारूप के घटक अंग 
- सूचना के स्रोत 
- अध्ययन की प्रकृति
- शोध अध्ययन का उद्देश्य 
– सामाजिक-सांस्कृतिक परिस्थिति 
- सामाजिक-कालिक सन्दर्भ 
- अध्ययन के आयाम और निदर्शन कार्यविधि 
- तथ्य संकलन के लिए प्रयुक्त तकनीक  
- शोध प्रारूप का महत्व
- शोध प्रारूप बनाम तथ्य संकलन की पद्धति 
- शोध प्रारुप के प्रकार
- विवरणात्मक या वर्णनात्मक शोध प्रारूप 
- व्याख्यात्मक शोध प्रारूप 
- अन्वेषणात्मक शोध प्रारूप 
- प्रयोगात्मक शोध प्रारुप 
- अनुसंधान प्रक्रिया
- अनुसंधान और जीवन 
- अनुसंधान के सौपान
- अनुसंधान के नैतिक पक्ष 
- अनुसंधान समस्या का चयन
- अनुसंधान प्रस्ताव
- अनुसंधान परिकल्पना और उसका परीक्षण
- शोध हेतु साहित्य अवलोकन
- प्रतिचयन प्रविधियाँ 
- ऐतिहासिक अनुसंधान
- वर्णात्मक अनुसंधान
- प्रयोगात्मक अनुसंधान
- क्रियात्मक अनुसंधान
- व्यैक्तिक अध्ययन
- घटनोत्तर अध्ययन
- प्रदत्त संग्रह प्रविधियाँ
- प्रदत्त संग्रह उपकरण
- प्रदत्त सारणीकरण
- प्रदत्तों का निरूपण (आरेखीय प्रदर्शन)
- सामान्य सांखियिकी
- अनुसंधान में सांखियिकी प्रविधियाँ
- सामान्य वितरण वक्र 
- परिकल्पना परीक्षण विधियाँ
- टी परीक्षण
- प्रतिदर्शजों के अंतर की सार्थकता
- प्रसारण विश्लेषण और शोध में उपयोग
- इकाई वर्ग परीक्षण
- सहसंबंध स्थापना
- अप्रचालिक सांखियिकी
- अनुसंधान प्रतिवेदन
- शोध और नैतिक मूल्य
- अनुसंधान और पेटेंट प्रक्रिया
- शोध में कंप्यूटर की भूमिका
- अनुसंधान और डाटा चोरी
- शोध का भविष्य
- शोध/अनुसंधान के उपागम
- शोध के लिए तथ्य कैसे जुटाएं 
- संदर्भ कैसे लगाएं


- शोध की दृष्टि और उपागम का अर्थ एवं स्वरूप 
- शोध उपागम – आवश्यकता एवं व्यावहार, उपागम का स्वरूप, विविध उपागमों का विकास
- साहित्यिक अनुसंधान और साहित्येतर अनुसंधान के उपागम 
- हिन्दी अनुसंधान में विभिन्न उपागमों का अनुप्रयोग 
- अनुसंधान की विविध दृष्टियाँ और उपागम-समाजशास्त्रीय, मनोविश्लेषणवादी दृष्टि, ऐतिहासिक दृष्टि इत्यादि ।
- संप्रेषण की पद्धतियाँ और साहित्यिक विधाओं के अनुसंधान की समस्याएँ
- अंतर्विद्यावर्ती अनुसंधान और ज्ञान के नये क्षेत्र


आदि ऐसे वषिय हैं जिन पर लेखों का प्रकाशन किया जाएगा. 


आप लेख भेज रहे हैं ना .......


लेखकों से अनुरोध
शोध लेख Kruti Dev 010 फांट में टाईप कराकर एमएस वर्ड अथवा पेजमेकर में भेजें।


लेख लगभग 2500 शब्दों में मौलिकता के प्रमाण-पत्र एवं सारांश सहित हो।


शुद्धि के लिए सहायतार्थ हार्ड काॅपी अथवा पीडीएफ भी भेजें।


मानक वर्तनी प्रयोग करें। 


ईमेल- shodhadarsh2018@gmail.com


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